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Monday, 6 September 2021

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है। (Time Sharing Operating System in Hindi).

हेलो दोस्तों तो कैसे हैं, आप लोग। हमारे आर्टिकल पर आपका स्वागत है। हम आपको इस आर्टिकल में टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में बताने वाले हैं। यह क्या है, तथा यह कैसे कार्य करता है, और इससे होने वाले क्या फायदे हैं, तथा क्या नुकसान है।

दोस्तों टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में सभी या प्रत्येक यूजर कंप्यूटर में उपयोग होने वाले संसाधनों को आपस में साझा करके उनका उपयोग करते हैं। इसमें एक ही कंप्यूटर का उपयोग कई सारे लोग एक साथ करते हैं।

अगर आप भी टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम किसे कहते हैं। इसके बारे में जानना चाहते हैं, तो आप हमारे साथ आखरी तक बने रहे। हम आपको टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम की पूरी जानकारी देंगे। तो चलिए अब बिना देर किए शुरू करते हैं। लेकिन इससे पहले हम जान लेते हैं, ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है। (what is operating system in hindi)-

ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है, जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का एक भाग होता है। जिसमें कंप्यूटर को बूट करते समय उसमें लोड किए गए प्रोग्राम शामिल होते हैं। यह कंप्यूटर में होने वाली प्रत्येक गतिविधि का प्रबंधन करता है। यह कंप्यूटर में किसी भी एप्लीकेशन को चलाने के लिए उपयोगी होते हैं। यह एप्लीकेशन प्रोग्राम और हार्डवेयर प्रोग्राम और सिस्टम के उपकरणों के बीच मध्यस्थता के रूप में कार्य करता है। अगर आसान शब्दों में कहा जाए तो ऑपरेटिंग सिस्टम में प्रोग्राम का एक बहुत बड़ा समूह होता है, जो कंप्यूटर सिस्टम की गतिविधियों को नियंत्रित करने का कार्य करता है।

अगर आपको ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है, यह और अच्छे से जानना है तो हमने इसके ऊपर भी पोस्ट लिख रखी है। जिसकी लिंक हम आपको यहां नीचे दे रहे है। जिस पर आप क्लिक करके ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में और अच्छे से जान पाओगे।

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है। (what is time sharing operating system in Hindi)-

Time sharing operating system वह सिस्टम है, जो एक से ज्यादा स्थानों पर उपस्थित यूजर के बीच में किसी एक कंप्यूटर को चलाने के लिए प्रबंधन करता है। यहां पर प्रत्येक यूज़र कंप्यूटर के संसाधनों को आपस में साझा करते है। टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम multiprogrammed operating system का ही एक रूप है। जो इंट्रक्टिव मोड में Quick Response Time के साथ कार्य करता है। अर्थात यहां प्रत्येक यूजर बारी-बारी से एक निश्चित समय के लिए कंप्यूटर के पार्ट्स या संसाधन जैसे- Memory, CPU आदि का उपयोग करते हैं। टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम प्रत्येक यूजर के लिए एक सामान क्रम में CPU शेयरिंग समय की एक समान मात्रा को एलोकेट करता है। यह एक से अधिक यूज़र के बीच में समय को बांटता है। अगर हम साधारण शब्दों में कहें तो वह ऑपरेटिंग सिस्टम जिसकी तकनीक का उपयोग करके बहुत सारे यूजर एक साथ केवल एक ही कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, और एक से अधिक यूजर के बीच में समय को बाटता है, उसे टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जाता है। इस प्रकार का ऑपरेटिंग सिस्टम एक से ज्यादा उपयोगकर्ता के लिए होता है। तथा प्रत्येक उपयोगकर्ता के लिए एक निश्चित समय निर्धारित होता है।

ज्यादातर टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग विशेष प्रकार के mainframe computer में किया जाता है। क्योंकि इनमें बहुत सारी ऐसी जानकारियां होती है, जिनका उपयोग बहुत सारे यूजर्स करना चाहते हैं। इसलिए कई सारे यूजर्स telnet तकनीक का उपयोग करके दूर से ही इन कंप्यूटर को एक्सेस करते हैं, और अपने उपयोग के अनुसार टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं।

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे कार्य करता है।-

Time sharing operating system मैं प्रत्येक यूज़र एक निश्चित समय के लिए ही एक्टिव (active) रहता है। सिस्टम बहुत ही कम समय में एक यूजर से दूसरे यूजर तक स्विच होता रहता है। प्रत्येक यूजर को कुछ समय मिलता है। इसमें जब एक यूजर सक्रिय या active होता है, तब बाकी के दूसरे यूज़र inactive मोड में रहते हैं। और इसे केवल मोड का यूजर ही उपयोग कर पाता है। तथा जब एक यूजर का समय अंतराल खत्म हो जाता है, या समय पूरा हो जाने पर पहले यूज़र का कंट्रोल बदलकर दूसरे के पास चला जाता है। और दूसरा यूज़र active हो जाता है। मतलब operating system पहले यूज़र के समय अंतराल खत्म होने के बाद दूसरे यूजर या उपयोगकर्ता को ले लेता है। जिससे पहले वाला यूजर Diactive हो जाता है। इस प्रक्रिया में एक यूजर का कंट्रोल बदलकर दूसरे यूजर के पास इतना जल्दी चला जाता है, कि उपयोग करने वाले यूजर को इस बात का पता भी नहीं चलता कि उसे कंप्यूटर के संसाधनों को किसी अन्य यूजर के साथ साझा करना पड़ रहा है। यहां CPU Scheduling और multiprogramming का उपयोग टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में होता है।

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के फायदे (advantage of time sharing operating system in hindi)-

(1) टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के कारण बहुत सारे लोग एक साथ कंप्यूटर के संसाधनों का उपयोग कर पाते हैं।

(2) यह सभी यूजर को बारी-बारी से कंप्यूटर के संसाधनों का उपयोग करने के लिए सुविधा प्रदान करता है।

(3) यह बहुत ही कम समय में प्रतिक्रिया करता है।

(4) यूजर को इसका उपयोग करने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।

(5) इसके उपयोग से कोई भी संगठन या कॉरपोरेट विभिन्न प्रकार की जानकारियों को साझा कर सकता है।

(6) इसमें उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रोग्राम को संशोधित किया जा सकता है, और लिखा जा सकता है।

(7) यह एक साथ एक से अधिक एप्लीकेशन पर कार्य करता है।

(8) यह CPU को आइडल (idle) अवस्था में नहीं रहने देता है।

(9) इसमें एक समय में एक से ज्यादा यूजर कंप्यूटर का उपयोग कर सकते हैं।

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के नुकसान (disadvantages of time sharing operating system in hindi)-

(1) इसमें बहुत सारे यूज़र एक ही समय में एक कंप्यूटर के संसाधनों का उपयोग करते हैं, तो उनके पर्सनल डाटा की सुरक्षा का लेकर खतरा होता है।

(2) इस ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्यशैली की विश्वसनीयता पर भरोसा करना थोड़ा मुश्किल है।

(3) इस ऑपरेटिंग सिस्टम को एक्सेस करने के लिए नेटवर्क कनेक्शन की आवश्यकता होती है। अगर नेटवर्क कनेक्शन नहीं होता है, तो यूजर द्वारा इसे एक्सेस नहीं किया जा सकता है।

(4) यहां डाटा के प्रभावी यातायात के लिए कारगर नहीं है।

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण (examples of time sharing operating system in hindi)-


(1) Unix - यह एक फेमस या बहुचर्चित टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में जिसे नाम की कंपनी के द्वारा 1971 में बनाया गया था।

(2) OpenVMS - इसे 1976 में द्वारा बनाया गया था।

(3) Michign Terminal System - इसे 1959 में मिशीगन यूनिवर्सिटी द्वारा बनाया गया था।

(4) Multics - इसे 1969 में लांच किया गया था।

(5) Honey well CP-6  - इसे 1976 में कंपनी द्वारा बनाया गया था।
तो दोस्तों यह थी टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी। हमें उम्मीद है, आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी।

Conclusion -

आज इस पोस्ट में हमने आपको टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम किसे कहते है। ओर इसके उपयोग कहा किया जाता है। इसके बारे में आपको पूरी जानकारी दी है। में आशा करता हु की आप लोगो को time sharing operating system किसे कहते है। इसके बारे में अच्छे से समझ आया होगा। अगर यदि आपको अभी भी इस पोस्ट को लेकर कुछ डाउट्स है, तो आप हमे नीचे comments करके जरूर बताये।

ओर यदि आपको हमारी पोस्ट टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम किसे कहते है। हिंदी में अच्छी लगी हो ओर आपको इससे कुछ सीखने का मिला हो तो हमे comments करके जरूर बताए।ओर इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ whatsapp group , facebook ओर अन्य social networks site's पर शेयर करे और इस जानकारी को अन्य लोगो तक पहुचाने में हमारी मदद करे।

अभी के लिए बस इतना ही। हमारी इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।


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