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Saturday, 11 September 2021

कंप्यूटर नेटवर्किंग किसे कहते है।

हेलो दोस्तों तो कैसे हैं आप लोग आप लोगों का हमारे ब्लॉग पर स्वागत है। हम आपको कंप्यूटर नेटवर्किंग क्या है इसके बारे में बताने वाले हैं। दोस्तों इससे पहले हम आपको कंप्यूटर नेटवर्क क्या होता है इसके बारे में बता चुके हैं। आज हम आपको कंप्यूटर नेटवर्किंग क्या है, इसके कितने प्रकार होते हैं, यह कैसे काम करते हैं, इसके बारे में बताने वाले हैं।

जैसा कि हम सबको पता है आज के समय में हम सभी कामों को करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करते हैं। कंप्यूटर की सहायता से काम इतना जल्दी हो जाता है, कि हमें समय का पता ही नहीं चलता है। और गलती होने की भी गुंजाइश कम होती है। कंप्यूटर के उपयोग से हम दूसरे मशीन में सेव किया हुआ डेटा का उपयोग कर सकते हैं।

दोस्तों अगर आप भी कंप्यूटर नेटवर्किंग क्या है, यह जानना चाहते हैं, तो हमारे साथ आखिरी तक बने रहे। तो चलिए अब बिना देर किए शुरू करते है। लेकिन इससे पहले हम जान लेते हैं, कंप्यूटर नेटवर्क क्या है।

कंप्यूटर नेटवर्क क्या है।(what is computer network in hindi)-

कंप्यूटर नेटवर्क एक ऐसा सिस्टम होता है, जहां पर एक से अधिक कंप्यूटर information और resources के लिए जुड़े होते हैं। अर्थात जब एक या एक से अधिक कंप्यूटर को आपस में किसी माध्यम की सहायता से जोड़ा जाता है, तब इसे नेटवर्क कहते हैं। इस दौरान यह आपस में एक दूसरे से संचार तथा डाटा आदान प्रदान करते हैं। कंप्यूटर में एक नेटवर्क के दो या दो से अधिक को डिवाइसों का समूह होता है। जिसकी सहायता से हम कम्युनिकेशन कर सकते हैं। कंप्यूटर नेटवर्क एक बहुत सारे computers, servers, network, device का कलेक्शन होता है।

कंप्यूटर नेटवर्किंग की परिभाषा। (definition of computer networking in hindi)-

Computer networking कंप्यूटर के ग्रुप को कहा जाता है। जिन्हें केबल की मदद से एक दूसरे के साथ जोड़ा जाता है। कंप्यूटर नेटवर्क को डाटा नेटवर्क भी कहा जाता है। इसका उपयोग कंप्यूटर के बीच संवाद के माध्यम के रूप में किया जाता है। कंप्यूटर नेटवर्किंग मशीन तथा यूजर दोनों को कम्युनिकेट करने के लिए कुछ सेवाएं प्रदान करती है। जैसे Telephone lines, Satellite links, Cables, Wires, Radio Frequency आदि। कंप्यूटर नेटवर्किंग में एक कंप्यूटर द्वारा भेजा गया सिग्नल नेटवर्क से जितने भी मशीन जुड़े होते हैं, उन से होकर गुजरता है। और तब तक गुजरता है, जब तक वह अपने निर्धारित स्थान तक ना पहुंच जाए।

कंप्यूटर नेटवर्किंग के मुख्य उद्देश्य -

वर्कलोड डिस्ट्रीब्यूशन (workload distribution)- 
एक ऑर्गेनाइजेशन में उपयोग में लाए जा रहे, सभी कंप्यूटर को नेटवर्क कैसे जोड़े जाने के कई उपयोग है। उदाहरण के लिए अगर एक टीम को कोई प्रोजेक्ट दिया जाता है, और उसमें से एक कर्मचारी अपना काम दूसरे कर्मचारी को देना चाहता है, जिससे उसका काम जल्दी से जल्दी पूरा हो सके। तो कंप्यूटर नेटवर्किंग की सहायता से ऐसा हो सकता है। क्योंकि सभी कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े होने के कारण कोई भी कर्मचारी अपना काम दूसरे को आसानी से दे सकता हैं।

रिसोर्स शेयरिंग (resource sharing)-
रिसोर्स शेयरिंग का मुख्य उद्देश्य होता है,  कि उपलब्ध संसाधनों को अधिकतम उपयोग किया जाए। कंप्यूटर नेटवर्क में जोड़े गए सभी कंप्यूटरों के लिए समान अतिरिक्त उपकरण, प्रिंटर, स्केनर दिए जाते हैं। तब नेटवर्क से जुड़े हुए सभी कंप्यूटर इन उपकरणों का साझा उपयोग करते हैं।
सेविंग मनी (saving money)-
ज्यादातर एक ऑर्गेनाइजेशन का मुख्य उद्देश्य होता है, कम से कम खर्चे में ज्यादा काम किया जाए। ताकि ऑर्गेनाइजेशन को ज्यादा मुनाफा हो सके। हम नेटवर्क में बड़े शक्तिशाली कंप्यूटर के बजाए छोटे और कम शक्तिशाली कंप्यूटर को जोड़ सकते हैं। जिससे काम उसी तेजी के साथ होगा, जिस तरह से शक्तिशाली कंप्यूटर के नेटवर्क में होता है। इस तरह से पैसे की बचत होगी, और मुनाफा भी ज्यादा मिलेगा।

कंप्यूटर नेटवर्किंग की जरूरत -

(•) किसी भी प्रकार के डाटा को उस नेटवर्क से संबंधित दूसरे लोगों को देना।

(•) डाटा को उससे संबंधित जगह पर भेजना।

(•) इंटरनेट में उपलब्ध resources से जानकारी इकट्ठा करना।

(•) Quick link बनाकर नेटवर्क से जुड़ी जानकारी अन्य लोगों तक पहुंचाना।

(•) दूसरे लोगों के साथ ई-मेल की सहायता से बात करना।

नेटवर्क के प्रकार (types of computer network in hindi)-

(1) लोकल एरिया नेटवर्क -
इसका पूरा नाम Local Area Network होता है। यह एक ऐसा नेटवर्क उड़ता है जिसका उपयोग दो या दो से अधिक कंप्यूटर को जोड़ने के लिए किया जाता है। यह नेटवर्क आपको हर जगह पर देखने को मिलेगा। जैसे - ऑफिस, कॉलेज, स्कूल, बिजनेस आदि में। इसमें नेटवर्क में इथरनेट और वाई-फाई तकनीक का ज्यादा उपयोग किया जाता है। मगर इसमें केबल पर कम ध्यान दिया जाता है। यह एक ऐसा नेटवर्क है जो आपको स्थानीय इलाकों में ज्यादा देखने को मिलता है। इस नेटवर्क को बनाने के लिए ज्यादा Hardware की जरूरत नहीं पड़ती है। यह नेटवर्क कामकाज की जगह पर बनाया जाता है। इसमें एक मुख्य कंप्यूटर यानी server होता है जहां पर संस्था से संबंधित डाटा रखा जाता है। और अन्य कंप्यूटर से जोड़ दिया जाता है। इस कंप्यूटर की खासियत यह होती है कि इसकी स्पीड तेज होती है। इसमें कम खर्चा होता है तथा यह जगह सुरक्षित भी होते हैं।

(2) मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क (metropolitan area network)-
यह एक पूरे शहर को जोड़ने वाला नेटवर्क होता है। यह एक शहर में जितने भी collage, school, government office होते हैं सबको यह आपस में जोड़े रखता है। यह नेटवर्क एक या एक से ज्यादा PAN, LAN नेटवर्क से मिलकर बना होता है। तथा इसका दायरा सैकड़ो किलोमीटर तक होता है। इस नेटवर्क की मदद से 70 से 100 km ki दूरी पर स्थित अन्य कंप्यूटरों को भी डाटा भेजा जा सकता है। बहुत सारे Lans को आपस में कनेक्ट करके बड़ा नेटवर्क बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

(3) वाइड एरिया नेटवर्क (wide area network)-

LAN ओर MAN के बाद जो नेटवर्क होता है उसे WAN कहा जाता है। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से बहुत बड़ा नेटवर्क होता है। यह नेटवर्क एक बिल्डिंग या एक शहर में सीमित न रहकर पूरे विश्व को जोड़ने का कार्य करता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क होता है। तथा इसका दायरा सबसे बड़ा होता है। इस नेटवर्क में डाटा को सुरक्षित भेजा वह प्राप्त किया जाता है। WAN नेटवर्क से बहुत सारे LAN और MAN जुड़े रहते हैं। और यह आपस में डाटा को शेयर करते रहते हैं। इस नेटवर्क की सहायता से आप दुनिया के किसी भी कंप्यूटर से कुछ पल में जुड़ सकते हैं। इस नेटवर्क की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसमें Data रेट कम होती है। लेकिन यह ज्यादा distance cover करता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है इंटरनेट।

इस नेटवर्क में बहुत सारी तकनीक तथा protocol का उपयोग होता है। और इसको अन्य छोटे नेटवर्क से जोड़ने के लिए ISP5 की जरूरत पड़ती है। इसलिए यह नेटवर्क अन्य नेटवर्को की तुलना में बहुत महंगा होता है। WAN नेटवर्क भी दो तरह के होते हैं। Enterprise WAN ओर Global WAN । wide Area नेटवर्क से कनेक्ट होने वाले कंप्यूटर ज्यादा public Network का इस्तेमाल करते हैं।

कंप्यूटर नेटवर्किंग के उपयोग करने के लाभ -

(1) त्रुटियों का कम होना - इसे सभी कर्मचारी या यूजर निर्देशों केेेे अनुसार काम करते है। इसलिए ऑर्गेनाइजेशन का ज्यादा से ज्यादा काम करा सकती है। और उनकी consistency मैं सुधार लाया जा सकता है। जिससे त्रुटियां होने की संभावना बहुत कम होती है।
(2) कम लागत और दक्षता में सुधार - एक important की जानकारी संग्रहित करना और उस कार्य को stabilize करने में सुधार कर सकता है। जिससे उनकी लागत कम हो जाती है। और उनकी दक्षता में सुधार होता जाता है।

(3) कम्युनिकेशन सही होना - जैसे-जसे कार्य आगे बढ़ता है,  वैसे ही कर्मचारियों के बीच में अच्छा कम्युनिकेशन होना जरूरी  कम्युनिकेशन सही होगा तो कार्य में सुधार अपने आप होता जाएगा।

कंप्यूटर नेटवर्किंग के लिए जरूरी घटक -

सेंडर (sender) - जब एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर को सिग्नल भेजा जाता है, तो सिग्नल भेजने वाले को कंप्यूटर साइंस की भाषा में सेंडर कहा जाता है। सेंडर कंप्यूटर नेटवर्किंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि यही कंप्यूटरो के बीच में कम्युनिकेशन की शुरुआत करता है। जिसके कारण नेटवर्क कार्य करता है।

रिसीवर (receiver) - sender द्वारा भेजा गया सिग्नल जो मशीन स्वीकार करती है, उसे रिसीवर कहा जाता है। सेंडर द्वारा भेजा गया सिग्नल विभिन्न मशीनों से होकर गुजरता है, लेकिन इस सिग्नल को रिसीवर के अलावा कोई और नहीं पढ़ पाता है। सेंडर द्वारा जो कम्युनिकेशन लिंक तैयार की जाती है, वह रिसीवर तक पहुंचने के बाद ही खत्म होती है।

केबल (cable) - केबल की सहायता से एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर को जोड़ा जाता हैै। तथा नेटवर्क में सभी उपलब्ध कंप्यूटरों को जोड़ने के लिए कई प्रकार की केबलों का उपयोग किया जाता हैै। इनमें जो केवल मुख्य रूप से उपयोग की जाती है, वह ऑप्टिक फाइबर केबल,  ट्विस्टेड पैर केेबल, को-एक्सियल केबल आदि है।

कॉन्स्टेंट पावर सप्लाई (constant power supply) - कंप्यूटर नेटवर्क के सुचारू रूप से काम करने के लिए बिजली की आवश्यकताा होती हे। अगर बीच में बिजली चली जाती है तो नेटवर्क का काम रुक जाता है।

स्विच (switch) 

नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर (network operating system software)

नेटवर्किंग में काम आने वाली डिवाइस -

डेस्कटॉप कंप्यूटर, लेपटॉप, मेनफ्रेम(main frames), सर्वर(server), फायरवॉल(firewalls), रिपीटर(Repeaters), ब्रिजस(Bridges), स्मार्टफोन(Smartphone),ओर टैबलेट (smartphone, and tablet), वेबकैम(webcame), Camera, Printers, Fats, Modem, Switches, Hubs, Routers आदि।

Conclusion -

आज इस पोस्ट में हमने आपको कंप्यूटर नेटवर्किंग किसे कहते है। तथा यह कैसे कार्य करती है। इसके उपयोग के बारे में आपको पूरी जानकारी दी है। में आशा करता हु की आप लोगो को कंप्यूटर नेटवर्किंग किसे कहते है। इसके बारे में अच्छे से समझ आया होगा। अगर यदि आपको अभी भी इस पोस्ट को लेकर कुछ डाउट्स है, या फिर हमारी इस पोस्ट में कुछ सुधार करने की जरूरत है, तो आप हमे नीचे comments करके जरूर बताये।

ओर यदि आपको हमारी पोस्ट कंप्यूटर नेटवर्किंग क्या है। हिंदी में अच्छी लगी हो ओर आपको इससे कुछ सीखने का मिला हो तो हमे comments करके आप जरूर बताए।ओर इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ whatsapp group , facebook ओर अन्य social networks site's पर शेयर करे और इस जानकारी को अन्य लोगो तक पहुचाने में हमारी मदद करे।

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