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Sunday, 11 July 2021

डाटा स्ट्रक्चर किसे कहते हैं। Types of data structure in hindi.

हेलो दोस्तों तो कैसे है, आप लोग। क्या आप जानते हैं, डाटा स्ट्रक्चर (Data Structure) किसे कहते हैं। अगर नहीं तो आज हम आपको इस पोस्ट में डाटा स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी देंगे। आज हम सीखेंगे डाटा स्ट्रक्चर क्या है। यह कितने प्रकार के होते हैं। डाटा को व्यवस्थित करने का तरीका ही डाटा स्ट्रक्चर कहलाता है। डाटा स्ट्रक्चर के अंदर कई अलग-अलग प्रकार का डाटा होता है। जिसे व्यवस्थित करने के लिए कुछ ना कुछ ऐसा साधन या उपकरण चाहिए होता है जिससे डाटा को व्यवस्थित किया जा सकें। इन्हीं डाटा को व्यवस्थित करने के लिए डाटा स्ट्रक्चर का निर्माण किया गया। जिससे इसका उपयोग करने में दिक्कत ना हो। और सही ढंग से तथा व्यवस्थित रूप से इसका उपयोग किया जा सके। 

अगर आप भी डाटा स्ट्रक्चर के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारी इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पढ़ते रहिए। इस पोस्ट में आपको डाटा स्ट्रक्चर के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलेगा। तो चलिए अब बिना देर किए शुरू करते हैं Data Structure क्या है।

डाटा स्ट्रक्चर क्या है।(what is Data Structure in hindi) -

Data Structure kise kahte hai

 डाटा स्ट्रक्चर किसी कंप्यूटर सिस्टम में डाटा को व्यवस्थित करने तथा स्टोर करने का एक तरीका होता है। जिससे Data का उपयोग करने में आसानी हो। Data को व्यवस्थित करने का तरीका ही डाटा स्ट्रक्चर कहलाता है।
Data Structure kya hai

डाटा को व्यवस्थित करने के लॉजिकल और गणिती मॉडल को भी डाटा स्ट्रक्चर कहा जाता है। डाटा स्ट्रक्चर के अंदर मुख्य रूप से डाटा को अलग-अलग रूप में व्यवस्थित किया जाता है। डाटा को डाटा स्ट्रक्चर के अंदर इस प्रकार व्यवस्थित किया जाता है कि उसे बाद में किसी भी समय आसानी से एक्सेस किया जा सके। सामान्य डाटा स्ट्रक्चर के प्रकारों में अरे, फ़ाइल, रिकॉर्ड, टेबल ट्रीज आदि शामिल होते हैं।

किसी भी डाटा स्ट्रक्चर को एक विशिष्ट उद्देश्य के अनुरूप डाटा को व्यवस्थित करने के लिए डिजाइन किया जाता है। ताकि इसे सही तरीके से एक्सेस कर के काम किया जा सके। डाटा स्ट्रक्चर इतनी सरल होनी चाहिए कि कोई भी कंप्यूटर प्रोग्रामर प्रोग्राम को किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा में कोडिंग करके डाटा को आसानी से संशोधित कर सकें। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में डाटा स्ट्रक्चर को विभिन्न एल्गोरिदम के साथ काम करने के उद्देश्य से डिजाइन किया जाता है। डाटा स्ट्रक्चर मेमोरी में डाटा को व्यवस्थित बनाने का काम करता है। इसे इस तरह से डिजाइन ओर एम्पिमेंट किया जाता है कि यह जटिलता को काम करता है। और एफिक्सेन्सी को बढ़ाता है। अगर हम सरल शब्दों में कहें तो डाटा स्ट्रक्चर एक ऐसा समूह होता है जो कंप्यूटर सिस्टम के अंदर डाटा को व्यवस्थित करने का काम करता है। ताकि किसी भी यूजर द्वारा जब भी डाटा को access किया जाए तो वह उसे सही ढंग से तथा आसानी से एक्सेस कर पाए।

डाटा स्ट्रक्चर के प्रकार (types of Data Structure in hidi) -

डाटा स्ट्रक्चर के दो प्रकार होते हैं।

(●) प्रिमिटिव डाटा स्ट्रक्चर (Primitive Data Structure) -
Primitive Data Structure उन data-structure को कहा जाता है जो कंप्यूटर द्वारा दिए गए निर्देशों से सीधे संचालित किए जा सकते हैं। मतलब ऐसे डाटा स्ट्रक्चर जिन्हें direct ही मशीन instructions से operate किया जा सके उन्हें primitive data structure कहा जाता है। यह सिस्टम तथा compiler के द्वारा डिफाइन होता है। primitive data structure के भी निम्न भाग होते हैं।

■ इंटिजर (Integer) - इसके अंदर सभी गणितीय संख्या आती है। लेकिन इसमें दशमलव की संख्याएं नहीं आती है। इसे डिफाइन करने के लिए int का प्रयोग किया जाता है। जैसे - (int a=7;)
■ करैक्टर (Character) - कैरेक्टर का उपयोग C प्रोग्रामिंग भाषा में एक अल्फाबेट को डिफाइंन करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग Alphabet को स्टोर करने के लिए भी किया जाता है। इसमें character को डिफाइन करने के लिए char का प्रयोग किया जाता है। तथा characte  को char ' X ' के रूप में लिखा जाता है।
■ डबल (Double) - डबल एक मूलभूत डाटा प्रकार होता है जिसे कंपाइलर में बनाया गया है। और इसका उपयोग दशमलव अंकों के साथ संख्या वाले संख्यात्मक वेरिएबल को डिफाइन करने के लिए किया जाता है।
■ फ्लोट (Float) - इसमें दशमलव संख्या को float में  डिफाइन किया जाता है। किसी भी संख्या को float मैं डिफाइन करने के लिए float का प्रयोग किया जाता है। जैसे float a= 4.2;
Float में इंटिजर का मान भी डिफाइन होता है।
■ स्ट्रिंग (String) - बहुत सारे कैरेक्टर के समूह को स्ट्रिंग कहते हैं। जिसका उपयोग डबल कोट्स के अंदर किया जाता है। स्ट्रिंग को डिफाइन करने के लिए string का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण String "Arjun
(●) नॉन प्रिमिटिव डाटा स्ट्रक्चर (Non Primitive Data Structure) -
Non-Primitive Data Structure वह डाटा स्ट्रक्चर होता है जिसे डायरेक्ट मशीन instructions से operate नहीं किया जा सकता है। मतलब ऐसा डाटा स्ट्रक्चर जो कंप्यूटर द्वारा दिए गए निर्देशों से सीधे संचालित नहीं हो पाता है उसे नॉन प्रीमिटिव डाटा स्ट्रक्चर कहा जाता है। यह डेटा संरचना प्रिमिटिव डाटा स्ट्रक्चर से ली गई होती है। समान और अलग-अलग प्रकार के Data item को एक समूह में रखते हैं। नॉन प्रिमिटिव डाटा टाइप को हम यूजर डिफाइंन डाटा टाइप भी बोल सकते हैं। यह दो प्रकार के होते हैं।
Linear Data Structure ओर Non-Linear Data Structure

■ Linear Data Structure - लिनियर डाटा स्ट्रक्चर एक ऐसा डाटा स्ट्रक्चर होता है जिसमें डेटा item को रेखीय रूप में संग्रहित तथा व्यवस्थित किया जाता है। जिसमें data item एक रेखा के रूप में दूसरे से जुड़ा होता है। इसके अंदर निम्न प्रकार है।
★ अरे (Arroy) - Arroy सिमिलर डाटा का कलेक्शन होता है। जो कंटीन्यूअस मेमोरी ग्रहण करता है।
★ लिंक्ड लिस्ट (Linked List) - इसमें प्रत्येक Node दो भाग में डिवाइड होता है। पहले भाग में Data तथा उसकी information तथा दूसरे भाग में एड्रेस ऑफ नेक्स्ट Node होता है।
★ स्टैक (Stack) -  Stack का एक सिरा खुला तथा दूसरा सिरा बंद होता है। जो भाग खुला होता है वहां से डाटा डाला जाता है। और निकाला जाता है। जिसे टॉप कहते हैं। इसमें data insert करने वाले ऑपरेशन को पुश (push) तथा डिलीट करने वाले ऑपरेशन को पॉप (pop) ऑपरेशन कहते हैं।
★ क्यू (Queue) - Queue के दोनों भाग खुले होते हैं
 इसमें जहां से डाटा को डाला जाता है उसे REAR And कहते हैं। तथा जहां से डाटा को डिलीट किया जाता है उसे FRONT And कहते हैं।

■ नॉन लीनियर डाटा स्ट्रक्चर (Non-Linear Data Structure) - NoN Linear Data Structure एक ऐसा डाटा स्ट्रक्चर होता है जिसमें डाटा item को क्रमबद्ध तरीके से व्यवस्थित नहीं किया जाता है। इसमें एक डेटा आइटम किसी अन्य डेटा आइटम से जुड़े हो सकते हैं। जैसे - Tree, Graph आदि।

डेटा स्ट्रक्चर का संचालन (Operations on Data Structure in hindi) -

किसी डाटा पर किए जाने वाले निम्न operations है।
(●) Insertion - डाटा स्ट्रक्चर में एक नए Data Value को जोड़ना Data Insertion कहलाता है।
(●) Deletion - किसी Data Value को डाटा स्ट्रक्चर से हटाना या डाटा संरचना में से एक रिकॉर्ड को हटाना Deletion कहलाता है।
(●) Traversing - डाटा की संरचना में किसी भी रिकॉर्ड को एक्सेस करना या विजिट करना को Traversing कहा जाता है।
(●) Sorting -  किसी specific order मैं डाटा को Arrange करना मतलब डेटा संरचना में किसी रिकॉर्ड को लॉजिकल क्रम में व्यवस्थित करना sorting कहलाता है।
(●) Searching - Data Structure मैं पहले से मौजूद किसी Data Value को खोजना Searching कहलाता है।
(●) Merging -  दो समान Data Structure के values को एक साथ मिलाना merging कहलाता है। मतलब डेटा संरचना में दो अलग-अलग फाइलों में जो रिकॉर्ड संग्रहित होते हैं उन्हें एक सिंगल फाइल में जोड़ने की प्रक्रिया को मर्जिंग कहा जाता है।

एल्गोरिथम क्या है। (what is Algorithm in hindi) -

एल्गोरिथम एक प्रक्रिया है। जो किसी भी कंप्यूटर को एक समस्या हल करने की अनुमति देती है। यह कंप्यूटर द्वारा कुछ कार्य को पूरा करने के लिए नियमों का समूह होता है। जो किसी समस्या के समाधान या हल करने की अनुमति देता है।       हमारे कंप्यूटर द्वारा जो भी कार्य किए जाते हैं उन सब में एल्गोरिदम शामिल होता है। यह कुछ भी हो सकता है। यह कंप्यूटर मेमोरी और computer processor का उपयोग करके समस्या को कम से कम समय में हल करने की अनुमति देता है।

डाटा स्टोरेज यूनिट क्या है।(what is Data Storage Units in hindi) -

डाटा स्टोरेज यूनिट उसे कहते हैं जिसमें किसी कंप्यूटर या डिवाइस के द्वारा उपयोग के लिए विद्युत चुंबकीय या अन्य रूपों में डाटा का भंडारण किया जाता है। हम सब डाटा स्टोरेज डिवाइस जैसे पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, हार्ड डिस्क, ऑप्टिकल डिस्क आदि में डाटा को स्टोर करते हैं। मेमोरी यूनिट को डाटा के भंडारण की गई कहते हैं।

Conclusion -

आज इस पोस्ट में हमने आपको Data Structure किसे कहते है। तथा यह कितने प्रकार के होते है। इसके बारे में आपको पूरी जानकारी दी है। में आशा करता हु की आप लोगो को Data Structure किसे कहते है। इसके बारे में अच्छे से समझ आया होगा। अगर यदि आपको अभी भी इस पोस्ट को लेकर कुछ डाउट्स है या आप हमारी इस पोस्ट से असंतुष्ट है। या फिर हमारी इस पोस्ट में कुछ सुधार करने की जरूरत है या इस पोस्ट से जुड़ा कोई भी सवाल आपके मन मे है तो आप हमे नीचे comments करके जरूर बताये।

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अभी के लिए बस इतना ही। हमारी इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।




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