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Monday, 28 June 2021

डिवाइस ड्राइवर किसे कहते हैं। कंप्यूटर में इसे कैसे install करे।

हेलो दोस्तो तो कैसे है, आप लोग। दोस्तो आपने कभी भी डिवाइस ड्राइवर का नाम तो सुना ही होगा। अगर नहीं तो आज हम आपको इस पोस्ट में डिवाइस ड्राइवर से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे। डिवाइस ड्राइवर कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। जिसे कंप्यूटर ड्राइवर भी कहा जाता है।


Device Driver यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो हमारे कंप्यूटर सिस्टम में कंप्यूटर के साथ attached या लगे हुए Hardware के piece को कंट्रोल करने का कार्य करता है। यदि किसी hardware piece कि कोई driver नहीं है तो वह उसे hardware का piece पूरे कंप्यूटर सिस्टम के लिए किसी काम का नहीं होता है। हमारे कंप्यूटर सिस्टम में सभी चीजों के लिए एक डिवाइस ड्राइवर की जरूरत होती है। जिससे कि वह सही ढंग से function या अपना कार्य कर सकें। 
अगर आप भी Device Driver या कंप्यूटर Driver के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारी इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पढ़ते रहिए। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको Device Driver के बारे में बहुत कुछ जानकारी हो जाएगी। यह क्या है और कैसे कार्य करता है। तो चलिए अब बिना देर किए शुरू करते हैं। Device Driver किसे कहते हैं।

device driver kise kahate hai

डिवाइस ड्राइवर क्या है। (what is Device Driver in hindi) -

device driver kya hai

Device Driver एक तरह का सॉफ्टवेयर होता है। जो आपके कंप्यूटर को Hardware तथा अन्य डिवाइसेस के साथ कम्युनिकेट करने के लिए मदद करता है।यह अलग-अलग कंप्यूटर हार्डवेयर को ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ कम्युनिकेट करने में सहायता प्रदान करता है।

हमारे कंप्यूटर में बहुत सारे सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का उपयोग किया जाता है। और सभी सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर सही ढंग से काम कर सके इसलिए device driver या कंप्यूटर ड्राइवर का उपयोग किया जाता है। यह कंप्यूटर से जुड़े किसी भी device को ऑपरेट या कंट्रोल करने का कार्य करता है। बिना किसी डिवाइस ड्राइवर के कंप्यूटर कभी भी किसी भी Data को ना तो send कर सकता है और ना ही receive कर सकता है। तथा हमारे कंप्यूटर से कनेक्ट कोई भी हार्डवेयर जैसेप्रिंटरया वीडियो कार्ड बिना डिवाइस ड्राइवर्स के कोई भी काम नहीं कर सकते है। हमारे कंप्यूटर में एक appropriate driver को इंस्टॉल ना किया जाए तो device कोई भी function को सही तरीके से नहीं कर पाएगी।

यह हार्डवेयर डिवाइस के लिए सॉफ्टवेयर इंटरफेस प्रदान करता है। तथा साथ ही ऑपरेटिंग सिस्टम को बिना हार्डवेयर की जानकारी के ही उसके कार्यो तक पहुंचने और उसे नियंत्रित करने देता है। जब हम कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम install करते हैं तो उसके साथ ही कुछ बैसिक ड्राइवर जैसे - WLAN Driver, Network Driver, Audio Driver तथा Bluetooth Driver अपने आप ही इंस्टॉल हो जाते हैं। तथा कोई ड्राइवर ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ इंस्टॉल नहीं होता है तो उसे हम बाद में भी इंस्टॉल कर सकते हैं। जब हम कोई कंप्यूटर या लैपटॉप खरीदते हैं तो उन्हें पहले से ही कई डिवाइस ड्राइवर्स इन-बिल्ट रहते हैं। लेकिन जब हम कोई डिवाइस बाद में खरीदते हैं तो हमने इस डिवाइस के लिए ड्राइवर इंस्टॉल करना पड़ता है।

जब हमारे द्वारा कंप्यूटर में कोई नया उपकरण जोड़ा जाता है जैसे- scanner, printer आदि तो उन्हीं के साथ उनका ड्राइवर भी लगा होता है। कुछ कंप्यूटर में ड्राइवर पहले से इंस्टॉल होता है। तो कुछ मैं हमें बाद में इंस्टॉल करना पड़ता है। उदाहरण के लिए अगर हमारे कंप्यूटर में video device driver नहीं है तो हम कंप्यूटर में कोई सी भी video नहीं देख पाएंगे। उसके लिए पहले हमें अपने कंप्यूटर में video device driver को इंस्टॉल करना होगा। उसके बाद ही हम  video को अपने कंप्यूटर में देख पाएंगे। यदि डिवाइस को चलाने के लिए हमारे कंप्यूटर में कोई ड्राइवर ना हो तो सबसे पहले हमें उसके लिए ड्राइवर को इंस्टॉल करना होगा। हमें अपने डिवाइस के सॉफ्टवेयर को समय-समय पर भी update करना चाहिए। ताकि वह सही से कार्य कर पाए।

डिवाइस ड्राइवर के प्रकार (types of Device Driver in hindi) -

Device Driver कंप्यूटर का एक छोटा सा प्रोग्राम होता है। जो ऑपरेटिंग सिस्टम को Hardware के साथ कम्युनिकेट करने में मदद करता है। कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर के बहुत सारे प्रकार होते हैं। लेकिन हम यहां पर आपको कुछ महत्वपूर्ण Driver के बारे में बताएंगे।

(●) Motherboard Drivers -
Motherboard Drivers ऐसे छोटे-छोटे प्रोग्राम होते हैं जिनको windows या Linux की सहायता से read किया जाता है। जो कंप्यूटर के Basic कार्य करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर Allow करता है। इन Drivers में ऐसे प्रोग्राम जुड़े होते हैं जो Motherboard कि बनावट के हिसाब से USB ports, I/O Ports mouse ओर keyboard के लिए Allow करते हैं। तथा इन Drivers में audio ओर video support के लिए कुछ Basic drivers भी होते हैं।

(●) Hardware Drivers - 
Hardware Drivers ऐसे प्रोग्राम होते हैं जिन्हें Design किया जाता है। कंप्यूटर हार्डवेयर जैसे कि Expansion Slots ओर  Computer में कार्य करने के लिए। Hardware installation Process को access करने के लिए, driver discs के साथ video cards, sound cardsnetwork cards तथा expansion cards आते हैं।

(●) Virtual Drivers - 
यह Device Drivers दूसरे Drivers से बहुत अलग होते हैं। जहां पर Drivers की majority ज्यादा होती है। वहां पर हार्डवेयर के पार्ट्स को एक particular operating system के साथ कार्य करने के लिए Allow किया जाता है। वहीं पर virtual device drivers एक piece of hardware को emulate करते है। और essentially trick करते है कंप्यूटर को यह सोचने में कि वह एक piece of hardware को ही read कर रहा है।

(●) BIOS - 
BIOS का पूरा नाम Basic Input/Output System होता है। यह mast basic computer drivers होता है। इसे first program के हिसाब से डिजाइन किया जाता है। जब किसी pc को turn on किया जाता है तो यह Boot होता है। BIOS को मेमोरी में स्टोर किया जाता है। जो कि मदरबोर्ड के साथ Built होता है। इसे Boot करने के लिए design किया गया होता है। जो pc हार्डवेयर से कनेक्ट होते हैं इनमें निम्न है जैसे कि keyboard, mouse, hard drivers, video display, output आदि। 

कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर का होना क्यों आवश्यक है।

किसी भी डिवाइस ड्राइवर के कंप्यूटर हार्डवेयर और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पर काम नहीं कर सकते हैं। हार्डवेयर ओर सॉफ्टवेयर दोनों चलाने के लिए ड्राइवर्स की जरूरत होती है। तभी हम कंप्यूटर पर अपना काम कर सकते हैं। कंप्यूटर के लिए Drivers कितना इंर्पोटेंट होता है यह हम जानेंगे।
(●)  अगर कंप्यूटर में Printer Driver नहीं होगा तो हम कोई भी प्रिंट नहीं निकाल पाएंगे। या कुछ भी प्रिंट नहीं कर पाएंगे।
(●) अगर audio driver नहीं होगा तो हम कंप्यूटर में गाने ही नहीं सुन पाएंगे।
(●) Network Driver नहीं होगा तो हम कंप्यूटर में इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
(●) एक Device और Application या ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच translator के रूप में कार्य करके Device Driver Programming को आसान बनाता है।
(●) यदि हमारे कंप्यूटर में Driver नहीं है तो हम external device जैसे की pen drive, USB का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
(●) अगर कंप्यूटर में BIOS Drivers नहीं है तो हम mouse, keyboard,  जैसे सभी input ओर output device का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
(●) कंप्यूटर में ड्राइवर नहीं होने पर हम किसी भी function का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
(●) कंप्यूटर में Bluetooth Driver नहीं होने पर हम Bluetooth का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
(●) अगर हमें इन सब परेशानियों से दूर रहना है तो हमें कंप्यूटर ड्राइवर को इंस्टॉल कर लेना चाहिए।

Computer में Device Driver कैसे install करे। -

अगर आपको पता नहीं है कि कंप्यूटर में Device Driver कैसे install करें तो हम यहां पर आपको कुछ आसान सी स्टेप बताएंगे। जिसे fllow करके आप भी अपने कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर्स को इंस्टॉल कर सकते हैं।

अपने कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर को इंस्टॉल करने के लिए सबसे पहले आपको
(●) अपने कंप्यूटर में computer Driver Pack Solution Download करने की site पर जाना है।
(●) उसके बाद हमें computer Driver Pack site मैं जाने के बाद हमें install all required drivers पर click करना है।
(●) जैसे ही हम इस पर करेंगे तब एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड होने लगेगा।
(●) सॉफ्टवेयर डाउनलोड होने के बाद हमें इस पर Double Click करना है।
(●) जैसे ही Double Click करेंगे यह सॉफ्टवेयर Run करने लगेगा और हमारे कंप्यूटर में जितने भी Missing Drivers है उन्हें scan करने लगेगा।
(●) अब हमें यहां पर Green Colour का "Configure The Computer Automatically"  का button दिखेगा इस पर click करना है। इस पर click करते ही हमारे कंप्यूटर में जो भी missing drivers है वह सब डाउनलोड होना शुरू हो जाएंगे।
आप इन आसान स्टेप को fllow करके अपने कंप्यूटर में Device Driver को इंस्टॉल कर सकते हैं।

डिवाइस ड्राइवर का उपयोग - 

Device Driver का मुख्यतः उपयोग हार्डवेयर डिवाइस और एप्लीकेशन या ऑपरेटिंग सिस्टम के मध्य कम्युनिकेट करने के लिए किया जाता है। किसी हार्डवेयर के लिए प्रोग्रामर को उच्च स्तर में code लिखना होता है। ताकि वह ड्राइवर उस हार्डवेयर के साथ काम कर सकें। उदाहरण के लिए प्रिंटर हमारा हार्डवेयर है जिसमें हमें कंप्यूटर के किसी फाइल का प्रिंट निकालना है। तो हम कंप्यूटर को प्रिंट करने का निर्देश देंग और कंप्यूटर द्वारा यह निर्देश डिवाइस ड्राइवर द्वारा प्रिंटर तक जाएगा। और प्रिंटर हमारे फाइल का प्रिंट निकाल देगा। अगर हम एक और उदाहरण ले तो अगर हमें कंप्यूटर में वीडियो देखना है तो हार्डवेयर कंप्यूटर को वीडियो play करने का निर्देश देगा और कंप्यूटर द्वारा यह निर्देश डिवाइस ड्राइवर द्वारा video device तक जाएगा और फिर हमारे कंप्यूटर में वीडियो play हो जाएगा।

Conclusion -

आज इस पोस्ट में हमने आपको Device Driver किसे कहते है। तथा यह कितने प्रकार के होते है। इसके बारे में आपको पूरी जानकारी दी है। में आशा करता हु की आप लोगो को Device Driver  किसे कहते है। इसके बारे में अच्छे से समझ आया होगा। अगर यदि आपको अभी भी इस पोस्ट को लेकर कुछ डाउट्स है या आप हमारी इस पोस्ट से असंतुष्ट है। या फिर हमारी इस पोस्ट में कुछ सुधार करने की जरूरत है या इस पोस्ट से जुड़ा कोई भी सवाल आपके मन मे है तो आप हमे नीचे comments करके जरूर बताये।

ओर यदि आपको हमारी पोस्ट Device Driver किसे कहते है। हिंदी में अच्छी लगी हो ओर आपको इससे कुछ सीखने का मिला हो तो हमे comments करके आप जरूर बताए।ओर इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ whatsapp group , facebook ओर अन्य social networks पर शेयर करे और इस जानकारी को अन्य लोगो तक पहुचाने में हमारी मदद करे।

अभी के लिए बस इतना ही। हमारी इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।

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