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Friday, 17 July 2020

प्लॉटर किसे कहते है। इसका उपयोग कहा होता है।

हेलो दोस्तों तो कैसे है, आप लोग। आज की हमारी इस पोस्ट में आपका स्वागत है। आज हम आपको इस पोस्ट में प्लॉटर के बारे में जानकारी देंगे। क्या आपको पता है प्लॉटर क्या है। प्लॉटर कंप्यूटर का आउटपुट डिवाइस होता है। जिसका कार्य प्रिंट करना होता है। यह एक प्रिंटर की तरह ही होता है। जिस तरह हम घर, ऑफिस में छोटे-मोटे कार्यों के लिए printer का उपयोग करते हैं। क्योंकि प्रिंटर थोड़ी छोटी अक्षर की प्रिंट निकालता है इसलिए ज्यादातर इसका उपयोग किया जाता है। लेकिन अगर बड़े साइज की या बड़े अक्षरों की प्रिंट निकालने की बात की जाए तो हम जैसे कि bridge या Building की डिजाइन आदि की तब हम यहां पर इन जगह पर नॉर्मल प्रिंटर की बजाए किसी ओर का उपयोग करते हैं। क्योंकि यह पर हमें थोड़े बड़े साइज के प्रिंट की जरूरत होती है। और यह प्रिंट को जिस डिवाइस से निकाला जाता है उसे प्लॉटर (plotter) कहा जाता है।

एक तरह से देखा जाए तो प्लॉटर एक तरह से व्यवसायिक उपयोग प्रिंटर है। यह प्लॉटर एक प्रकार के special output device होते हैं। जिनका इस्तेमाल बड़े graphs, largs designs के hard copy प्रिंट करने के लिए उपयोग किया जाता है। जैसे की engineering drawings, business charts, construction map आदि में। प्लॉटर का मुख्य कार्य इंजीनियरिंग डिजाइन produce करना है। यह ग्राफिकल चार्ट फ़ोटो आदि को प्रिंट करता है।
यदि आपको भी plotter के बारे में पूरी जानकारी चाहिए और plotter क्या है यह जानना है तो आप हमारी इस पोस्ट को अंत तक पड़ते रहिये। आज हम आपको इस पोस्ट में प्लॉटर की पूरी जानकारी देंगे। जिससे आपको भी प्लॉटर के बारे में बहुत कुछ पता चल जाएगा। तो चलिए अब बिना देर किए शुरू करते है प्लॉटर किसे कहते है।

प्लॉटर क्या है। (what is plotter in hindi) -

plotter kya hai
Plotter एक आउटपुट डिवाइस है। जो प्रिंटर की तरह दिखाई देता है। यह एक प्रकार का प्रिंटर ही होता है जिसकी सहायता से चित्र, ग्राफ आदि को प्रिंट या डिजाइन किया जाता है।
plotter kise kahte hai
यह एक ग्राफिकल प्रिंटर होता है जो किसी भी प्रकार की इमेज को बनाने के लिए पेन व पेंसिल का उपयोग करता है। यह सामान्य रूप से बड़े आकार के ग्राफ और मैप जैसे कि बड़े आकार के पोस्टर, इंजीनियरिंग डिजाइन बनाने में काम आता है। यह vector graphics को प्रिंट करने के लिए पेपर में dots को प्रिंट करने की जगह पर continuous lines बनाते हैं। इसलिए यह प्रिंटर से अलग होते हैं। प्रिंटर की तरह ही प्लॉटर को भी कंप्यूटर से जोड़कर बड़ी से बड़ी इमेज को प्रिंट किया जाता है। लेकिन यह प्रिंटर की तुलना में थोड़ा धीरे काम करता है। plotter image को बनाने के लिए ink pens का इस्तेमाल करता है। और pens इसमें पेपर के surface मैं हिलता है। वहीं प्लॉटर का इस्तेमाल vector graphics format के लिए भी किया जाता है। पहले के समय में plotter कंप्यूटर के software program में काम करने के लिए उपयोग किया जाता था। जैसे कि कंप्यूटर ऐडेड डिजाइन में।

पहले यहां काफी महंगे भी हुआ करते थे। लेकिन अब यह सस्ते हो गए हैं। इनका चलन आज के समय में काफी बढ़ गया है। अगर हम साधारण भाषा में कहें तो प्लॉटर एक ऐसा आउटपुट डिवाइस है जो पेन की सहायता से पन्नों पर छपाई देने का काम करता है। जो चार्ट, ग्राफ, चित्र, रेखाचित्र आदि को हार्ड कॉपी पर प्रिंट करने का काम करता है।

प्लॉटर के प्रकार (types of plotter in hindi) -

प्लॉटर निम्न प्रकार के होते है। और सब प्लॉटर का अपना अपना ओर दूसरे से भिन्न कार्य होता है।

(●) Drum Plotter -
Drum plotter यह एक ऐसा plotter होता है जिसमें किसी भी वस्तु की आकृति बनाने के लिए एक पेन का उपयोग किया जाता है। इसमें जिस पेपर पर डिजाइन करना होता है उसे के Drum के अंदर रखा जाता है। तथा यह Drum दोनों और घूमने में सक्षम होता है। जैसे ही Drum धीरे-धीरे घूमने लगता है इसमें लगा पेन पेपर पर प्रिंट करता जाता है। यह पहला ऐसा डिवाइस था जो ग्राफिक और बड़ी इंजीनियरिंग ड्राइंग को प्रिंट कर सकता था। कई Drum pen plotter मैं fiber Tipped pen उपयोग किया जाता है। यदि हमें सबसे अच्छी क्वालिटी की इमेज की आवश्यकता होती है तो Technical drafting pen का इस्तेमाल किया जाता है। कई रंगीन प्लॉटर में चार या चार से अधिक पेन होते हैं। Drum plotter भी दो प्रकार के होते हैं इंटरनल ओर एक्सटर्नल। यहां पर इंटरनल ड्रम प्लॉटर पर पेपर के अंदर भी तरफ होता है। तथा एक्सटर्नल ड्रम प्लॉटर पर पेपर के बाहर की ओर होता है।
(●) flat-bed plotter  -
flat-bed plotter एक प्रकार का मैकेनिकल ड्राफ्टिंग डिवाइस है। जिसका उपयोग डिजाइनर द्वारा CAD प्रोग्राम के लिए किया जाता है। flat-bed plotter मैं कागज को स्थिर अवस्था में एक बेड या सरफेस पर रखा जाता है। इस प्लॉटर का इस्तेमाल complex design, graphs, charts आदि को करने के लिए किया जाता है। इसे हम एक table के ऊपर भी रख सकते हैं। इस plotter मैं एक pen और एक Holder होता है। इसमें ग्राफिक बनाने के लिए कई अलग-अलग रंग के pen का इस्तेमाल किया जाता है। तथा इसमें ग्राफिक का साइज flat-bed plotter के surface के ऊपर निर्भर करता है। अगर flat-bed plotter के सरफेस का साइज छोटा होता है तो इस पर छोटे साइज का ग्राफिक बनाया जाता है। और अगर बड़ा साइज का सरफेस होगा तो बड़ा ग्राफिक बनाया जा सकता है।

इसमें पेन की सहायता से अलग-अलग साइज के characters बना सकते है। तथा इनमें एक से ज्यादा पेन और pen Holding mechanism भी हो सकती है तथा इसके प्रत्येक pen की ink अलग रंग की होती है। जो अलग-अलग colors होने से muticolor design की decoument को produce करने में हमारी मदद करती है।
flat-bed plotter मैं एक भुजा पर पेन लगा होता है। जो मोटर की सहायता से कागज के ऊपर-नीचे और दाये-बाये घूम कर चित्र आकृति का निर्माण करता है। तथा इसमें जो पेन लगा होता है उसे कंप्यूटर की सहायता से नियंत्रित किया जाता है।

(●) Inkjet Plotter -
Inkjet Plotter में किसी इमेज को बनाने के लिए पेपर के ऊपर ink की छोटी-छोटी बूंदों का छिड़काव किया जाता हैं।इसका उपयोग बड़े-बड़े बेनर को बनाने के लिए किया जाता है। यह advertising agencies ओर  graphics designers के लिए एक popular choice होती है। क्यों कि इसका उपयोग बड़े outputs के लिए होता है। जैसे banners, billboards, roadside आदि में। यह दो प्रकार के models में उपलब्ध है। thermal या piezoelectric में। thermal इंकपोट गर्मी का इस्तेमाल करके ink की बूंदों को पेपर पर apply करता है। और piezoelectric charged crystals का इस्तेमाल करके ink की बूंदों को पेपर पर Apply करता है। यह अल प्लॉटर के मुकाबले अच्छी इमेज क्वालिटी देता है।

(●) Roller Plotter -
Roller Plotter में Roller के अंदर paper move होता है। यह प्लॉटर के माध्यम से machine drawing को print करता है।
(●) कटिंग प्लॉटर -
इस तरह के प्लॉटर में प्रिंट के माध्यम के तौर पर पेपर, बिनायल शीट ओर मेयलर नामक प्लास्टिक का उपयोग किया जाता हैं। इसमें स्याही या टोनर के स्थान पर चाकू लगे होते है। और यह डिज़ाइन को प्रिंट के माध्यम पर काट कर बना देते है। इन्हें डाई कट मशीन के नाम से भी जाना जाता है।

प्लॉटर कैसे काम करता है। -

plotter kese kam krta hai
प्लॉटर इमेज या ऑब्जेक्ट को बनाने के लिए कंप्यूटर के इमेज सॉफ्टवेयर पर काम करता है। इस सॉफ्टवेयर में सबसे पहले coordinates डाले जाते हैं। ताकि इमेज को पेपर में किस तरह प्रिंट करवाना है। जब इमेज के आरेख पूरे हो जाते हैं तब कंप्यूटर प्लॉटर के coordinates को ले लेता है। इसमें एक पेन लगी होती है जो इमेज को Drow करने का कार्य करती है। फिर यहां पर सॉफ्टवेयर कोड को अपनी समझने वाली भाषा में बदलता है। तथा पेन और पेपर के लिए सही रास्ता चुनता है। प्लॉटर पेन में एक खाली फाइबर की रॉड लगी होती है। जिसका आखिरी वाला सिरा नुकीला होता है। तथा इस रॉड के नुकीले सिरे से होती हुई इंक बाहर की ओर आती है। और इमेज बनने का कार्य शुरू होता है। तथा जब एक प्रिंटिंग खत्म नहीं हो जाती तब तक पेपर पेन के ऊपर सीधा या खड़ा चलता रहता है। आजकल प्लॉटर में खिसकने वाले रोलर का उपयोग किया जाता है। जिससे स्थिर पेन के ऊपर पेपर को खिसकाया जा सकता है।

प्लॉटर के उपयोग -

प्लॉटर का उपयोग बहुत जगहों पर किया जाता है।
(●) इसका इस्तेमाल building के Architectural plan बनाने में होता है।
(●) इसका उपयोग CAD Application में भी बहुत किया जाता है।
(●) इसका उपयोग ग्राफ, चित्र, रेखाचित्र बनाने में किया जाता है।

प्लॉटर के लाभ -

(●) इसका उपयोग बड़े-बड़े आकार के पेज की आकृति को बनाने के लिए किया जाता है।
(●) यह आसानी से large sheets के पेपर पर काम कर सकते हैं।
(●) यह पेज की छपाई के साथ-साथ प्लाईवुड, एलुमिनियम, स्टील सीट, कार्डबोर्ड और प्लास्टिक पर भी छपाई करता है। (●) यह अपनी High resolution को maintain करके रखता है।
(●) यह same pattern को कई बार drow करने के बिना किसी image degradation के भी allow करता है।

प्लॉटर के हानि -

(●) Plotter की साइज बहुत ही बड़ी होती है।
(●) इसका आकार अन्य प्रिंटर की तुलना में बड़ा होता है। (●) इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है।
(●) यह Traditional printer की तुलना में ज्यादा expensive होती है।
(●) इसकी कार्य करने की गति कम होती है।

प्लॉटर की विशेषता -

(●) प्लॉटर एक ऐसा Output device है जो चार्ट ग्राफ चित्र आदि को हार्ड कॉपी पर प्रिंट करने का कार्य करता है।
(●) प्लॉटर में 3D प्रिंटिंग भी की जा सकती है।
(●) ड्रम पेन प्लॉटर और फ्लैट बेड प्लॉटर, इंकजेट प्लॉटर, रोलर प्लॉटर मैं सब प्लॉटर के प्रकार होते हैं।
(●) इसमें 3D प्रिंटिंग के साथ-साथ बैनर पोस्टर आदि को भी प्रिंट किया जा सकता है।
(●) इसके एक भुजा पर पेन लगा होता है तथा इस पेन को कंप्यूटर की सहायता से नियंत्रित किया जाता है।
(●) Drum pen plotter ऐसा प्लॉटर होता है जिसमें आकृति को बनाने के लिए पेन का उपयोग किया जाता है। (●) इसकी सहायता से बड़े बड़े आकार की आकृति को प्रिंट किया जाता है।

Conclusion -

आज इस पोस्ट में हमने आपको प्लॉटर किसे कहते है। तथा यह कितने प्रकार के होते  है। ओर इसके उपयोग के बारे में आपको पूरी जानकारी दी है। में आशा करता हु की आप लोगो को प्लॉटर किसे कहते है। इसके बारे में अच्छे से समझ आया होगा। अगर यदि आपको अभी भी इस पोस्ट को लेकर कुछ डाउट्स है या आप हमारी इस पोस्ट से असंतुष्ट है। या फिर हमारी इस पोस्ट में कुछ सुधार करने की जरूरत है या इस पोस्ट से जुड़ा कोई भी सवाल आपके मन मे है तो आप हमे नीचे comments करके जरूर बताये।

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अभी के लिए बस इतना ही। हमारी इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।

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