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Thursday, 12 March 2020

डेटाबेस क्या है। इसके प्रकार व इसका उपयोग कहाँ किया जाता है।

हैलो दोस्तो तो कैसे हैं, आप लोग। क्या अपने कभी अपने आसपास या किसी अपने किसी दोस्त से डेटाबेस के बारे में सुना है। यह क्या होता है। तथा यह कितने प्रकार के होते है। व इसका उपयोग कहा किया जाता है। अगर आपको पता नही है तो कोई बात नही आज हम इस पोस्ट में आपको डेटाबेस के बारे में जानकारी देंगे ।

आपको यह तो पता ही होगा कि आज के समय में डाटा और इंफॉर्मेशन की कितनी ज्यादा मांग है। अगर आपको किसी भी चीज की इंफॉर्मेशन चाहिए है तो आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल में ब्राउज़र को ओपन करके उस चीज की इंफॉर्मेशन को आसानी से निकाल लेंगे। आप जैसे ही उस चीज के बारे में सर्च करेंगे वह कुछ सेकेंड के अंदर ही आपको उसकी पूरी इंफॉर्मेशन या जानकारी मिल जाएगी। आपने कभी सोचा भारत में इतने सारे पैन कार्ड बनते हैं। आधार कार्ड बनते हैं या उन आधार कार्ड में कुछ परिवर्तन करवाना हो जैसे - नाम, दिनांक या सरनेम आदि को। वह सब एक डाटा है जिसे कहां पर रखा जाता है। अगर हम किसी भी बैंक का उदाहरण ले बैंक में अपने हर एक कस्टमर का डेटा होता है। या फिर बैंक में हर ट्रांजेक्शन कंप्यूटर की मदद से और मोबाइल की सहायता से होता है। यह ट्रांजैक्शन दिन-रात करोड़ों लोगों का होता रहता है। तब आपके मन में कभी यह सवाल आया इन सब ट्रांजैक्शन की डिटेल कहां पर स्टोर रहती है। बड़े-बड़े कंपनी अपने employees की जानकारी जैसे-नाम, सैलरी या फिर स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले हर बच्चों की इनफार्मेशन जैसे कि रोल नंबर ,नाम , एड्रेस, सिटी, यह सब भी एक डेटा है। जो इंटरनेट पर मौजूद है। लेकिन क्या आपको पता है यह इंटरनेट पर कहां पर मौजूद है। कभी आपने सोचा है किसी ऑनलाइन वाले के पास इतनी इंफॉर्मेशन होती है जो नेट पर रहती है यह सब कहां पर सेव होती है। अगर आपको इन सब के बारे में नहीं पता है तो मैं आपको बता दूं यह सब इंटरनेट पर एक डेटाबेस (database)  में सेव होता है। जी हां आपने सही सुना।
डेटाबेस के बिना इंटरनेट कुछ भी नहीं है।अगर डेटाबेस नहीं होगा तो इतने सारे लोगों की इंफॉर्मेशन को कहां पर सेव किया जाएगा। आज हम इस पोस्ट में डेटाबेस के बारे में जानेंगे। यह क्या होता है। तथा इसका उपयोग कैसे किया जाता है और यह कितने प्रकार के होते हैं। लेकिन इससे पहले हम डेटा क्या होता है। यह जानेंगे ताकि आपको डेटाबेस के बारे में अच्छे से समझ आ जाए।

Data क्या है।(what is data in hindi) -

Database से पहले हमारे लिए यह जानना जरूरी है। data क्या होता है। data किसी भी इंफॉर्मेशन का एक छोटा सा हिस्सा होता है। यह कुछ भी हो सकता है। किसी व्यक्ति या स्थान से जुड़ा भी हो सकता है। जैसा कि आपका नाम, आपकी उम्र, ऊंचाई ,किसी मकान का नंबर ,आपका मोबाइल नंबर आदि ।डेटा अलग-अलग प्रकार के फॉर्मेट में होते हैं। जैसे कि इमेज, फाइल, नंबर, टेक्स्ट आदि। जब इन डाटा को किसी विशेष फॉर्म से प्रोसेस किया जाता है तो यब इन्फॉर्मेशन बन जाती है।

Database क्या है।(what is database in hindi) -

Database kya hai in hindi
Database structured इंफॉर्मेशन का एक ऑर्गेनाइज्ड कलेक्शन होता है। जहां पर इंफॉर्मेशन को संगठित करके रखा जाता है। डेटाबेस इंफॉर्मेशन का यानी जानकारियों का संग्रहालय होता है। जहां पर  Releted इंफॉर्मेशन को संग्रहित करके रखा जाता है। आसान शब्दों में कहें तो डेटा के सिस्टमैटिक कलेक्शन को "डेटाबेस" का जाता है। क्योंकि यह इसे व्यवस्थित बनाकर रखता है। ताकि डाटा को आसानी से एक्सेस, मैनेज और अपडेट किया जा सके।
Database kya hai
Database में इंफॉर्मेशन को सेव करने के लिए कुछ सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है। डेटाबस में इंफॉर्मेशन को इस प्रकार से रखा जाता है। कि उसे आप बड़ी आसानी से access तथा mainpulat कर सको। अगर हम आसान शब्दों में कहें तो डेटाबेस का मुख्य कार्य डेटा मैनेजमेंट को आसान बनाना है। उदाहरण के लिए आप किसी स्कूल के बच्चों की इंफॉर्मेशन स्कूल रजिस्टर में सही से लिखते हैं। जैसे Name, class , subject, parents name, address आदि। में लिखते हैं और इंफॉर्मेशन को सेव करते है तो उसे जहां सेव किया जाता है  उसे डेटाबेस कहा जाता है। कंप्यूटर में डाटाबेस बनाने के लिए DBMS सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से हम डेटाबेस में स्टोर इंफॉर्मेशन को कभी भी डिलीट चेंज तथा ऐड कर सकते हैं। अब हम डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में पड़ेंगे।

डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) क्या है। -

डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) एक सॉफ्टवेयर होता है। जो यूजर को डेटाबेस में data को क्रिएट, स्टोर, डिफाइंड ,मेंटेन तथा कंट्रोल और डेटा को अपडेट करने की अनुमति प्रदान करता है। जिसके कारण यूजर data को बड़ी ही आसानी से access और analyse  कर पाते हैं। इसके लिए DBMS एक tool प्रदान करता है। DBMS programs का कलेक्शन होता है। जिसका उपयोग डेटाबेस को मेंटेन करने के लिए किया जाता है। DBMS मुख्य रूप से तीन चीजों को मैनेज करता है।
(1) Database engine -  यह डाटा को एक्सेस, लॉक और संसोधित करने का कार्य करता है।
(2) Database schema - यह डेटाबेस के लॉजिकल स्ट्रक्चर को डिफाइन करने का कार्य करता है।
(3) Data - यह इंफॉर्मेशन के रूप में होता है। जिसे डेटाबेस में रखा जाता है।

DBMS के उदाहरण -

DBMS के बहुत सारे सॉफ्टवेयर है जिनका उपयोग किया जाता है। हम यहाँ पर DBMS के कुछ example के बारे में जानेंगे।
(1) Dbase- यह Dbase सबसे पहले बनाया गया था। मतलब जितने भी DBMS है उन सब में इसका निर्माण सबसे पहले किया गया था। अपने समय में यह सॉफ्टवेयर सबसे ज्यादा सक्सेसफुल DBMS था। इसका उपयोग माइक्रोकंप्यूटर्स में किया जाता था। इसे Aston Tate नामक कंपनी ने 1980 में Dbase को प्रकाशित किया था। सबसे पहले इसका उपयोग माइक्रो कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम में चलाने के लिए होता था बाद में Apple तथा IBM pc में होने लगा। यह दोनों ही dos os से चलते थे। DBMS में Database Engine, Query system, a froms engine, component रहते थे। इन तीनो को Run करने के लिए एक programming Language का उपयोग किया जाता है।

(2) MY SQL -
SQL kya hai
MYSQL की शुरूआत 1995 में oracle के द्वारा की गई थी। यह एक ऑब्जेक्ट रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम है। इसे open source Relational database management system (RDBMS) भी कहा जाता है। यह स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज पर आधारित है। यह लगभग सभी os (operating system) को support करता है।

(3)Foxpro - Foxpro एक DBMS है जिसे fox सॉफ्टवेयर ने शुरू किया था। यह एक text-based procedurally ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के साथ-साथ एक डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम भी है यह एक ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। फो शक्तिशाली डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम होने के साथ-साथ एक रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम भी है।  क्योंकि यह कई DBF फाइल के बीच के संबंधों का समर्थन करता है। अभी वर्तमान में इसे visual foxpro के नाम से जाना जाता है। लेकिन 2007 के बाद इसका निर्माण बंद कर दिया गया था।
(4) Oracle - oracle डाटाबेस एक रिलेशनल DBMS है। यह पहला डेटाबेस है जिसे enterprises grid computing के लिए डिज़ाइन  किया गया था। यह RDBMS की फोर्थ जनरेशन है आज के समय में इस को सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। इस सॉफ्टवेयर कंपनी का नाम oracle corporation है। इसका उपयोग ज्यादातर बड़ी कंपनियों में किया जाता है जिन्हें बड़ी मात्रा में Data को मैनेज करने की आवश्यकता होती है।

(5) DB2 - यह एक डेटाबेस का प्रोडक्ट है यह एक रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम है इसका उपयोग डेटा को डेटाबेस में स्टोर ,मैनेज एनालाइज, और retrieve करने के लिए किया जाता है।

(6) SQL Server - इसे माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित किया गया है। यह SQL Server RDBMS है। इसका उपयोग ms-windows के लिए कंप्यूटर database बनाने में होता है। MS-SQL सर्वर डेटाबेस बनाता है। जिससे वर्क स्टेशन और इंटरनेट के द्वारा एक्सेस किया जा सकता है। यह एक पूर्ण विशेषताओं वाला डेटाबेस है।

(7) IMS - IMS डेटाबेस में डेटा स्टोर के लिए hierarchical मॉडल को फॉलो किया जाता है। जो DB2 और रिलेशनल मॉडल से काफी भिन्न है। इस डेटाबेस का उपयोग इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट के लिए किया जाता है।

डेटाबेस मॉडल के प्रकार (Types of DBMS in hindi) -

 डेटाबेस में डाटा लॉजिकली कैसे स्टोर, ऑर्गेनाइज और मेनूप्लेट किया जाता है। और डेटाबेस का लॉजिकल स्ट्रक्चर कैसा होना चाहिए यह सब हमको डाटा मॉडल के द्वारा पता चलता है। डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली कई प्रकार की होती है।  यहां हम आपको तीन प्रकार के डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में बता रहे हैं।
●Hierarchical model
●Network model
●Relational model

(1)Hierarchical Database model-
Hierarchical database model kya hai
इस डाटा मॉडल का स्ट्रक्चर ट्री स्ट्रक्चर जैसा दिखाई देता है। इस मॉडल में record को आपस में जोड़ने के लिए ट्री स्ट्रक्चर को फॉलो किया जाता है। ट्री मैं Nodes और branches होती है। इसका मतलब है कि जिस प्रकार से पेड़ की शाखा होती है वैसा ही इसमें भी होता है। यह ट्री ही डेटाबेस के लॉजिकल स्ट्रक्चर को रिप्रेजेंट करता है। इस Hierarchical मॉडल की शुरुआत लगभग 1950 के दशक में IBM द्वारा की गई थी।
(2) Network Database model-
Network database model kya hai
नेटवर्क मॉडल डेटाबेस काफी पावरफुल होते हैं। लेकिन यह कॉम्प्लिकेटेड भी होते हैं। क्योंकि इनमें सारे table/Nodes आपस में linked रहते हैं। network database model वह है। जो multiple records को एक ही मालिक से लिंक करने की अनुमति देता है नेटवर्क डेटाबेस संस्थाओं के बीच संबंध बनाने के लिए एक नेटवर्क स्ट्रक्चर का उपयोग करता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से डिजिटल कंप्यूटर पर किया जाता है। इस मॉडल को ग्राफ स्ट्रक्चर में रिप्रेजेंट कर सकते हैं। यह database hierarchical डेटाबेस के समान ही होता है। परंतु hierarchical डेटाबेस की एक Node में सिर्फ एक parent हो सकते हैं। वहीं नेटवर्क node में कई संस्थाओं के साथ relationship हो सकती है। नेटवर्क डेटाबेस में child को मेंबर और parents को occupier क्यों कहा जाता है।

(3) Relational Database Model-
Relational database model kya hai
Relational database कई data sets का एक collective set होता है। जिसे table, column aur record द्वारा दर्शाया जाता है। यह डेटाबेस बहुत पावरफुल होते हैं।और यह बहुत ज्यादा flexible ओर natural होते हैं। इस डेटाबेस मॉडल का स्ट्रक्चर table के समान ही होता है। इसलिए टेबल को डेटाबेस की भाषा में रिलेशन कहते हैं। इसलिए इसका नाम भी रिलेशन डेटाबेस मॉडल है। यह टेबल जैसा होता है इसलिए इसके Rows ओर column होते हैं। प्रत्येक column एक attribute को प्रत्येक Row record को ओर प्रत्येक field data value को represent करते है। Relational model में Rows को Record कहते है। ओर column को field कहा जाता है। इस model में Unique field को key कहा जाता है। ओर इन keys के जरिए tables को आपस मे connect किया जाता है। यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय ओर उपयोग होने वाला database है।

Commponents of DBMS -

डेटाबेस के निम्न कंपोनेंट्स है
(1) Hardware -
 जब हम अपने कंप्यूटर में DBMS सॉफ्टवेयर और MySQL को चलाते हैं तो  हमारे कंप्यूटर की ROM, RAM तथा harddisk  तथा हमारा keyboard जिससे हम टाइप करते हैं सब हार्डवेयर का हिस्सा बन जाते हैं। यह मुख्य रूप से DBMS का घटक तो नहीं होता है। लेकिन कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में डाटा स्टोर होने के कारण यह इसका एक भाग हो जाता है।
(2) Software-
यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कंपोनेंट होता है। क्योंकि यही हमें डाटा को स्टोर ,अपडेट, एक्सेस करने के लिए इंटरफ़ेस प्रदान करता है। यह वह प्रोग्राम है जो सब कुछ नियंत्रित करता है। यह एक्सेस लैंग्वेज को समझने में सक्षम होता है।
(3) Database user-
यह वो यूज़र है जो DB को कहीं से भी एक्सेस करता है और उसे सर्च करता है।
(4) Data-
DBMS बनाने का कारण ही डाटा को स्टोर करना और उसे utilise करना था। data का मतलब जो डाटा स्टोर करने वाले हैं। जिसके लिए DBMS डिजाइन किया गया है। यह data टेक्स्ट, इमेज, वीडियो डॉक्यूमेंट कुछ भी हो सकता है।
(5) procedures-
इसके अंतर्गत DBMS द्वारा सॉफ्टवेयर को setup ,इंस्टॉल, लॉगइन ओर लॉगआउट तथा बैकअप लेना आदि शामिल है।
(6) DBA-
DBA का full from Database Administrator है। इसे मैनेजर कहा जाता है। जो पूरे सिस्टम को चलाने का काम करता है। यह यूजर की needs को समझता है। और उसके हिसाब से मैनेज ओर अपडेट करता है।
(7) Application program -
यह DBMS सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है। इसको पूरे DBMS को मैनेज करने के लिए उपयोग किया जाता है।

Database का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है। -

डेटाबेस का उपयोग हर जगह पर होता है। हम सभी को नहीं बता सकते लेकिन यहां पर हम कुछ examples के बारे में आपको बताएंगे।

(1) ऑनलाइन गेमिंग-  जिस प्रकार एक साथ यूजर ऑनलाइन गेम को खेलते हैं तो आपने कभी सोचा है इतने सारे यूज़र्स ओर उनके नाम से लेकर उनकी गेमिंग हिस्ट्री कैसे मैनेज की जाती है। यहाँ हम डेटाबेस का उपयोग करते है। और इतने सारे यूज़र्स की हिस्ट्री रखना डेटाबेस के बिना संभव नहीं है।
(2) शेयर मार्केट - स्टॉक मार्केट में सैकड़ों कंपनियां रजिस्टर्ड है। और इनके शेयर हर समय में ऊपर-नीचे होते रहते हैं। यहां पर हर दिन अरबों रुपए का लेन-देन होता है। इन सब का हिसाब रखने के लिए डेटाबेस का उपयोग किया जाता है।
(3) रेलवे रिजर्वेशन मे -  रेलवे की टिकट बुक से लेकर लाइव स्टेट की जानकारी डेटाबेस में ही रखी जाती है।
(4)  फ्लाइट रिजर्वेशन में - फ्लाइट की टिकट तथा उसकी  हर जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए डेटाबेस का उपयोग किया जाता है।
(5) सोशल मीडिया - सोशल मीडिया फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम, गूगल प्लस जैसे साइट पर हम एक दूसरे से अपने विचार साझा करते है। सोशल मीडिया का लाखों लोग उपयोग करते है। इन सभी की जानकारी डेटाबेस में स्टोर होती है।
(6) कॉलेज-स्कूल -  स्कूल और कॉलेज में हर एक स्टूडेंट से लेकर टीचर, प्रोफेसर ,कर्मचारी की जानकारी डेटाबेस में ही सेव करते है।
(7) हॉस्पिटल - हॉस्पिटल में मरीज से लेकर डॉक्टर तक की सारी जानकारी डेटाबेस में ही सेव की जाती है।

Conclusion -

आज इस पोस्ट में हमने आपको Database क्या है। तथा इसका उपयोग कहा और कैसे किया जाता है। इसके बारे में आपको पूरी जानकारी दी है। में आशा करता हु की आप लोगो को Database क्या  है के बारे में अच्छे से समझ आया होगा। अगर यदि आपको अभी भी इस पोस्ट को लेकर कुछ डाउट्स है हमारी पोस्ट से असन्तुष्ट है। या  हमारी इस पोस्ट में कुछ सुधार करने की जरूरत है या इस पोस्ट से जुड़ा कोई भी सवाल आपके मन मे है तो आप हमे नीचे comments करके जरूर बताये।

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अभी के लिए बस इतना ही। हमारी इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।






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